Website data: (Actual information extracted from website) Meta title: जो न कह सके Meta description: Website needs meta description | This listing is not rated yet. Rate it! | Report it! Kalpana Hindi Blog http://www.kalpana.it/hindi/blog/ About India, Italy, life in general, travels, etc. Category: Blog Directory » World Blogs » Hindi Hits: 12 Date added: 2008-04-06 14:13:57 Alexa traffic rank: 907,115 Site language: EN Site encoding: UTF-8 |
Kalpana Hindi Blog Latest Posts
अश्लीलता के मापदँड
कल की मेरी पोस्ट "लज्जा से -र्व की यात्रा" पर मिली टिप्पणियों के बारे में सारा दिन सोचता रहा. मुझे मालूम है कि इस तरह... Read more...
Published 5 days ago
लज्जा से -र्व की यात्रा
28 जून 1969 को न्यू योर्क के -्रीनविच विलेज में स्थित स्टोनवाल इन्न पर पुलिस ने जब छापा मारा तो उसमें कोई नयी बात नहीं... Read more...
Published 6 days ago
सं-ीत कक्ष
कुछ दिन पहले नमिता देवीदयाल की किताब "द म्यूज़िक रूम" यानि "सं-ीत कक्ष" पढ़ी जो मुझे बहुत अच्छी ल-ी (The Music Room, Namita Devidayal, Random... Read more...
Published 1 month ago
अच्छे अभिनेता
कुछ समय पहले आऊटलुक पत्रिका पर मुकुल केसुवन का लेख छपा था जिसमें उन्होंने हिंदी फ़िल्म अभिनेता धर्मेंद्र के... Read more...
Published 2 months ago
शोनेन आइ - नारी कामुक लेखन
अपने घर के पास के पुस्तकालय में किताबें देख रहा था कि एक -ुलाबी रं- की छोटी सी किताब पर दृष्टि पड़ी. वेरुस्का... Read more...
Published 2 months ago
यादें
2002 में इंटरनेट पर पहली बार अपना एक पृष्ठ बनाया था, उसका नाम था "सृजन". उसे बनाने के लिए शुशा फोंट से कम्पयूटर पर हिंदी... Read more...
Published 2 months ago
नर-िसी आँखें, -ुलाबी -ाल
इस साल इतनी फ़ूलों की तस्वीरें खींचीं जितनी पहले सारे जीवन में नहीं खींचीं थीं. इस साल एक फ़ूल पर ज़ूम करके फोकस... Read more...
Published 2 months ago
लेखक का संसारः लाल्टू
जनवरी 2008 में हैदराबाद में जाने माने हिंदी लेखक "र कवि लाल्टू से मुलाकात हुई. उस बातचीत के कुछ अंश जो मैंने रिकार्ड... Read more...
Published 2 months ago
नहीं उदास नहीं
"बस ये चुप सी ल-ी है, नहीं उदास नहीं. सहर भी है रात भी है, दोपहर भी मिली लेकिन, हमने शाम चुनी है. नहीं उदास नहीं." जाने... Read more...
Published 2 months ago
चाँदनी चौक से सनफ्राँसिस्को
कोई ऐसे शहर भी होते हैं जहाँ जा कर बहुत से दूसरे शहरों की याद आती रहती है. या फ़िर शायद यह यायावर की नियति है कि... Read more...
Published 2 months ago
फ़ुल -ेंदवा न मारो
शायद यहाँ बसंत का मौसम है इसलिए या न जाने क्यों, अचानक मन में -ीत के शब्द आयेः"फ़ूलों के रं- से दिल की कलम से तुझको... Read more...
Published 3 months ago
शोर्य का अर्थ
समर खान की नयी फ़िल्म "शोर्य" बार बार यही प्रश्न पूछती है कि शोर्य का क्या अर्थ है "र इस प्रश्न का अपना उत्तर फ़िल्म... Read more...
Published 3 months ago